प्रश्न - 1. निम्नलिखित प्रश्नों के मौखिक उत्तर दीजिए-
प्रश्न - क) यशोधरा ने जीवन-मरण के विषय में क्या कहा ?
उत्तर : यशोधरा ने कहा कि जीवन और मरण एक-दूसरे से जुड़े हैं और मनुष्य को जीवन के सत्य को समझना चाहिए।
प्रश्न - ख) युवराज की माता महामाया ने क्या शुभ सूचना दी ?
उत्तर : महामाया ने शुभ सूचना दी कि उनके पुत्र सिद्धार्थ का विवाह यशोधरा से होने वाला है।
प्रश्न - ग) सिद्धार्थ ने राजसी वस्त्रों का क्या किया ?
उत्तर : सिद्धार्थ ने अपने राजसी वस्त्र उतारकर उन्हें छंदक को दे दिया और साधु के वस्त्र धारण कर लिए।
2. किसने किससे कहा ?
प्रश्न - क) "वसंतोत्सव का आयोजन जो किया गया है।"
उत्तर : क) शुद्धोदन ने सिद्धार्थ से कहा।
प्रश्न - ख) "अधिक विचार करने से, मन में केवल प्रश्न ही घिरते हैं।"
उत्तर : ख) सिद्धार्थ ने यशोधरा से कहा।
प्रश्न - ग) "कपिलवस्तु का भावी सम्राट, बधाई स्वीकारें।"
उत्तर : ग) शुद्धोदन ने सिद्धार्थ से कहा।
प्रश्न - घ) "सब कुछ कर्तव्य है यहाँ।"
उत्तर : घ) यशोधरा ने सिद्धार्थ से कहा।
प्रश्न - ङ) "जैसे-जैसे देर होगी वैसे-वैसे महाराज को चिंता होगी।"
उत्तर : ङ) छंदक ने सिद्धार्थ से कहा।
3. बहुविकल्पीय प्रश्न
प्रश्न - क) सिद्धार्थ किस कुल के वंशज थे?
उत्तर : ✅ (ii) शाक्य
प्रश्न - ख) कपिलवस्तु में सिद्धार्थ का कौन-सा पद या स्थान था?
उत्तर : ✅ (ii) युवराज का
प्रश्न - ग) युवराज को कौन-से विचार घेरे रहते थे?
उत्तर : ✅ (iii) जीवन-मरण चक्र के
4. संक्षिप्त प्रश्नोत्तर
प्रश्न - क) वसंतोत्सव में जाने से पूर्व सिद्धार्थ को किन विचारों ने आ घेरा था?
उत्तर : वसंतोत्सव में जाने से पूर्व सिद्धार्थ के मन में जीवन और मृत्यु से संबंधित विचार आने लगे। वे सोचने लगे कि मनुष्य जन्म क्यों लेता है, मृत्यु क्यों होती है और जीवन-मरण के इस चक्र से मुक्ति कैसे मिल सकती है।
प्रश्न - ख) यशोधरा कौन थी? सिद्धार्थ से बात करते समय उनके चरित्र की कौन-सी विशेषता प्रकट होती है?
उत्तर : यशोधरा सिद्धार्थ की पत्नी थी। सिद्धार्थ से बातचीत करते समय उसके चरित्र की समझदारी, संवेदनशीलता, कर्तव्यनिष्ठा और गंभीरता जैसी विशेषताएँ प्रकट होती हैं।
प्रश्न - ग) कपिलवस्तु में एक ‘नए जन्म’ के विषय में सिद्धार्थ क्या सोचने लगते हैं?
उत्तर : सिद्धार्थ सोचने लगते हैं कि मनुष्य का वास्तविक नया जन्म तभी हो सकता है, जब वह सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर जीवन के सत्य और मुक्ति का मार्ग खोजे।
5. विस्तृत प्रश्नोत्तर
प्रश्न - क) छंदक कौन था? उसकी दो विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर : छंदक सिद्धार्थ का विश्वसनीय सारथी था। वह सिद्धार्थ के प्रति बहुत वफादार और आज्ञाकारी था। वह अपने स्वामी की चिंता करता था और उनके आदेशों का पालन करता था। उसकी दो प्रमुख विशेषताएँ निष्ठा और कर्तव्यपरायणता थीं।
प्रश्न - ख) नदी तट पर पहुँचकर सिद्धार्थ ने क्या निर्णय लिया? क्यों?
उत्तर : नदी तट पर पहुँचकर सिद्धार्थ ने राजसी जीवन, सुख-सुविधाओं और सांसारिक मोह-माया को त्यागने का निर्णय लिया। उन्होंने अपने राजसी वस्त्र और आभूषण छंदक को दे दिए तथा साधु का जीवन अपनाने का निश्चय किया। उन्होंने यह निर्णय इसलिए लिया क्योंकि वे जीवन और मृत्यु के सत्य को जानना तथा मनुष्य को दुखों से मुक्ति दिलाने का मार्ग खोजना चाहते थे।
प्रश्न - ग) सिद्धार्थ संपूर्ण राजपाट छोड़कर क्यों चले गए?
उत्तर : सिद्धार्थ ने संपूर्ण राजपाट इसलिए छोड़ दिया क्योंकि उनके मन में जीवन, मृत्यु, दुख और मानव जीवन के उद्देश्य से जुड़े गहरे प्रश्न उठ रहे थे। राजसी सुख-सुविधाएँ उन्हें संतुष्ट नहीं कर पा रही थीं। वे संसार के दुखों का कारण और उनसे मुक्ति का मार्ग जानना चाहते थे। इसी आध्यात्मिक खोज के लिए उन्होंने परिवार, राजपाट और सभी सांसारिक सुखों का त्याग कर दिया।